/गांधी को राष्ट्रद्रोही धर्मद्रोही लिखा पर कांग्रेस पुस्तकों में उल्लेखित तथ्यों को झुठला न सकी- पांडेय

गांधी को राष्ट्रद्रोही धर्मद्रोही लिखा पर कांग्रेस पुस्तकों में उल्लेखित तथ्यों को झुठला न सकी- पांडेय

अभा हिंदू महासभा गोडसे के विचारों को प्रचारित करने के लिए देशभर में निकालेगी संदेश यात्रा
उज्जैन। ग्वालियर में महात्मा गोडसे का मंदिर अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा बनाया गया क्योंकि गोडसे को पूजने वालों की संख्या करोड़ों में है। गोडसे की लोकप्रियता से दहशत में आई भाजपा सरकार ने मंदिर बनाये जाने की जांच के आदेश पारित कर हिंदू महासभा को कारण स्पष्ट करने का नोटिस थमा दिया। कांग्रेस के स्वर में स्वर मिलाती भाजपा भूल गयी की इन्हीं गोडसे के नाम पर उनका अस्तित्व है। अभा हिंदू महासभा गोडसे के विचारों को प्रचारित करने के लिए देशभर में संदेश यात्रा निकालेगी।
महासभा के प्रदेश प्रवक्ता मनीषसिंह चौहान के अनुसार यह बात महासभा के राष्ट्रीय महासचिव देवेन्द्र पांडेय ने गोडसे का विरोध करने वाली कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कही। देवेन्द्र पांडेय ने कहा कि हैदराबाद निवासी डॉ. के.व्ही. सीतारमैया ने गांधी के चरित्र पर पुस्तक लिखी जिसका नाम गांधी राष्ट्रद्रोही धर्मद्रोही है। इनके पूर्व आगरा के डीसी चानना ने भी भारत के इतिहास को कलंकित करने वाले का इतिहास प्रकाशित किया जिसमें गांधी की करतूतों का खुला बखान है। प्रमाणिकता के आधार पर आज तक किसी कांग्रेसी ने हिम्मत नहीं जुटाई कि उपरोक्त पुस्तकों में उल्लेखित तथ्यों को झुठला सके फिर गोडसे के मंदिर निर्माण से इन्हें इतना कष्ट क्यों हुआ। गोडसे के चरित्र को जाने वगैर उन पर टिप्पणी इन की अज्ञानता को दर्शाता है। ये गांधी के निर्दोष होने का प्रमाण सार्वजनिक करें अथवा गोडसे के मंदिर में जाकर उनसे अपने भूल की क्षमा मांगे। पांडेय ने कहा कि क्रांतिवीर राष्ट्रभक्त नाथूराम विनायक गोडसे ने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया उन्होंने सदैव ही भारत के अखंडता हेतु प्रयास किये। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से भी राष्ट्र में वैचारित क्रांति का बिगुल फूंका। गोडसे प्रकांड विद्वान थे, राष्ट्र भक्ति उनके रोम रोम में बसी थी। देश की अस्मिता के साथ किसी भी प्रकार के समझौते के वह पक्षधर नहीं थे। उन्होंने जीवन पर्यंत सनातन संस्कृति के सम्मान हेतु हिंदुत्व के उत्थान हेतु और राष्ट्र को सबल, सक्षम संपन्न, शक्तिशाली और आतंक, आतंकी, भय और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए कार्य किया। उनका बलिदान भारत के इतिहास का सबसे प्रबल बलिदान था। जिन्होंने अखंड भारत के नक्शे भगवा ध्वज औी गीता को दिल से लगाकर अखंड हिंदू राष्ट्र का जयघोष करते हुए अपना बलिदान दिया हो उस क्रांतिवीर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। पांडेय ने कहा कि देश के विभाजन का षड़यंत्र कांग्रेस ने रचा था उस समय हुई लाखों हत्याओं की जिम्मेदार कांग्रेस ही है। कांग्रेस ने मुस्लिम राष्ट्र की मांग को स्वीकारते हुए जब पाकिस्तान के विभाजन को स्वीकार कियातो भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में मान्यता क्यूं नहीं दी। भारत के इतिहास के साथ जो लीपापोती हुई है उसकी सत्यता को उजागर करने का साहस अगर हिंदू महासभा ने किया है तो तर्कात्मक तथ्यों के द्वारा कांग्रेस को अपना पक्ष रखना चाहिये न कि हिंदू महासभा के उपर दबाव बनाने सरकार से हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं पर मुकदमा लगाने की निरर्थक गुहार लगानी चाहिये। हिंदू महासभा के नेता के रूप में हम महात्मा नाथूराम गोडसे का आदर करते हैं। करोड़ों राष्ट्रभक्त उन्हें श्रध्दा से पूजना चाहते हैं। इस स्वतंत्रता का हनन करने वाली सरकार और कांग्रेस को चाहिये कि देश व देश की जनता को उस सत्यता का जवाब देने का साहस जुटाये जिस कारण गोडसे ने अपनी आत्महुति दी थी। गांधी के वध का कारण क्या था इस बात पर भी खुली चर्चा होनी चाहिये फिर निर्णय जनता पर छोड़ देना चाहिये।