/बाबा महाकाल का हुआ छबीना श्रृंगार

बाबा महाकाल का हुआ छबीना श्रृंगार

उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में 5 फरवरी से शिवनवरात्रि उत्सव मनाया जा रहा हैं तथा 13 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जावेगा। आज 8 फरवरी को शिवनवरात्रि के चतुर्थ दिवस प्रातः श्री महाकालेश्वर मंदिर के नेवैद्य कक्ष में भगवान श्री चन्द्रमौलीश्वर का पूजन किया गया तथा कोटितीर्थ कुण्ड के पास स्थापित श्री कोटेश्वर महादेव के पूजन के पश्चात शासकीय पुजारी पं.श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा श्री महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक एकादश-एकादशनी रूद्रपाठ से किया गया।
सायं पूजन के पश्चात बाबा श्री महाकालेश्वर भगवान को नवीन वस्त्र धारण करवाये गये, साथ ही भगवान श्री महाकालेश्वर का श्री छबीना रूप मे श्रृंगार कर बाबा को छत्र, चाॅदी की नरमुण्ड माला एवं फलों की माला धारण करायी गयी। शिवनवरात्रि के पंचम दिन 9 फरवरी को बाबा श्री महाकालेश्वर को होल्कर मुखौटा धारण करवाया जावेगा।
शिवनवरात्रि के चौथे दिन भी हुआ हरिकीर्तन
शिवनवरात्रि पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रागंण में कथारत्न हरि भक्त परायण पं. श्री रमेश कानडकर जी के हरि कीर्तन का आयोजन मन्दिर परिसर मे नवग्रह मन्दिर के पास संगमरमर के चबूतरे पर हो रहा है। पं.श्री कानडकर जी ने कथा के चौथे दिन गौड बंगाल के राजा श्री गोपीचन्द्र की माता मैनावती द्वारा बाबा जालंधर नाथ को अपना गुरू बनाने की कथा के प्रसंग को आगे बढाते हुए गुरू जालंधर नाथ द्वारा उपदेश देने की कथा तथा पुनः अपने पुत्र को गुरूकृपा प्राप्ति की कथा का वर्णन किया। तबले पर संगत श्री तुलसीराम कार्तिकेय ने की।