/महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा, 100 से अधिक लोगों को हिरासत में, औरंगाबाद में इंटरनेट पर रोक

महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा, 100 से अधिक लोगों को हिरासत में, औरंगाबाद में इंटरनेट पर रोक


मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र में पुणे के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के विरोध में आज कई दलित संगठनों ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। महाराष्ट्र बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ठाणे रेलवे स्टेशन में आंदोलनकारियों ने ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र बंद से भागती-दौडती मुंबई की रफ्तार भी थम गई है। यहां के प्रसिद्ध डब्बावाला असोसिएशन ने अपनी सेवा रद्द कर दी है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बीच मुंबई पुलिस के पीआरओ ने जानकारी दी है कि राज्य में विभिन्न जगहों से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
लाइव अपडेट्स —
– चंद्रपुर के बल्लारपुर में बसों में तोड-फोड की गई।
– औरंगाबाद में इंटरनेट सर्विस रोकी गई।
– पुणे में कई स्कूल बंद हैं। क्लास नहीं चलेंगी हालांकि स्टाफ और टीचर्स को स्कूल आने को कहा गया है।
– मुंबई पुलिस ने हिंसा मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया, 100 से अधिक को हिरासत में लिया।
– पालघर में बस सेवा पूरी तरह से ठप हुई, पालघर रेलवे स्टेशन की कैंटीन भी बंद।
– रेलवे का बयान, ट्रेन को रोकने की कोशिश नाकाम की गई।
– ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर पुलिस की भारी तैनाती।
– ठाणे के पास प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी।
– ठाणे इलाके में चार जनवरी की रात तक धारा 144 लागू।
लोकल ट्रेन से लेकर स्कूल और हाइवे बंद-
63 साल के प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि 250 से अधिक दलित संगठनों का इस बंद को समर्थन है। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कई इलाकों में एहतियातन धारा 144 लगा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज पूरे महाराष्ट्र में लोकल ट्रेन से लेकर स्कूल और हाइवे बंद रहेंगे। मराहाष्ट्र बंद होने से राज्य की 40 हजार बसें नहीं चलेंगी और पुणे हाईवे भी बंद रहेगा।
सीएम फडनवीस ने दिए जांच के आदेश-
पुणे की जातीय हिंसा पर महाराष्ट्र सीएम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है। सरकार ने इसके न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम देवेंद्र फडनवीस ने मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर करीब तीन लाख लोग आए थे। हमने पुलिस की 6 कंपनियां तैनात की थी। कुछ लोगों ने माहौल बिगाडऩे के लिए हिंसा फैलाई। इस तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने की महाराष्ट्र सीएम से बात-
उधर, भीमा-गांव हिंसा की दलित नेता और केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के सीएम से बात की है। अठावलने ने कहा कि उन्होंने सीएम से जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि इस तरह की घटना दोबारा ना हो।
शरद पवार ने पूछा-घटना के पीछे कौन-
इस घटना पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। शरद पवार का कहना है कि घटना के पीछे कौन लोग हैं इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि शौर्य दिवस के 200 साल पूरे होने पर अधिक लोगों को इक_ा होने की संभावना पहले से थी इसलिए प्रशासन को इस पर नजर रखनी चाहिए थी।
ये है पूरा मामला-
बता दें कि 1 जनवरी 1818 के दिन अंग्रेजों और पेशवा बाजीराव द्वितीय के बीच कोरेगांव भीमा में युद्ध हुआ था जिसमें पेशवा को अंग्रेजों से पटखनी मिली थी। इसमें कुछ संख्या में दलित भी शामिल थे। इस घटना के इस बार 200 साल पूरे होने पर नए साल के मौके पर पुणे के कोरेगांव भीमा गांव में शौर्य दिवस मनाया गया था जिसके बाद से दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान एक शख्स की मौत भी हो गई थी। जिसके बाद पुणे हिंसा की आग दूसरे इलाकों तक जा पहुंची।