/महाषिवरात्रि पर्व पर दर्षनार्थियों की सुविधा, श्रद्धा एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा

महाषिवरात्रि पर्व पर दर्षनार्थियों की सुविधा, श्रद्धा एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा


उज्जैन। महाषिवरात्रि पर्व ग्वालियर पंचाग के आधार पर तय तिथी 13 फरवरी को मनाया जायेगा। पर्व की व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में महाकाल प्रवचनहाॅल में मानसेवियों, गणमान्य नागरिक, शासकीय एवं अषासकीय सदस्य आदि की बैठक ली और कहा कि महाषिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा, श्रद्धा एवं सुरक्षा पर विषेष ध्यान दिया जाकर उन्हें भगवान महाकाल के सुलभ एवं सुव्यवस्थित तरीके से दर्षन कम समय में हो सके ऐसा प्रयास किया जायेगा। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इस पर भी ध्यान दिया जायेगा। असहाय, दिव्यांगजन आदि के लिए दर्षन कराने के लिए महाकाल कर्मचारी सदैव तत्पर रहकर अपनी सेवाएॅ देंगे। उन्होंने सबसे सहयोग की अपेक्षा कर महाषिवरात्रि पर्व को बडी धूमधाम से मनाने के लिए हम सब मिलजुलकर समन्वय स्थापित कर पर्व को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। बैठक में 16 बिन्दुओं पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देष दिये कि महाषिवरात्रि पर्व की दर्षन व्यवस्था आदि व्यवस्थाएॅ सुनिष्चित कर ली जाये ताकि श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से महाषिवरात्रि पर्व पर सुलभ तरीके से दर्षन कराये जा सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देष दिये कि महाषिवरात्रि पर्व पर दर्षन व्यवस्था किस श्रद्धालु की प्रवेष एन्ट्री कहाॅ से रहेगी इसके पर्याप्त मात्रा में फ््लेक्स, होर्डिंग मंदिर के आस-पास एवं शहर के प्रमुख चैराहों, रेल्वे स्टेषन, बस स्टेण्ड आदि पर लगाया जाना सुनिष्चित करें। श्रद्धालुओं के जूता स्टेैण्ड गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरसिद्धी चैराहे के समीप विक्रम टीला के सामने, महाराज वाडा पार्किंग परिसर, माधवसेवा न्यास पर स्थापित किये जायेंगे। इसी तरह दर्षनार्थियों की प्रवेष व्यवस्था भीड नियंत्रण एवं दर्षन व्यवस्था हेतु बैरीकेट्स, पत्रकार, दिव्यांगजन, असहाय वृद्धजन आदि की व्यवस्था गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्ववत रहेगी। कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन हेतु माॅकड्रिल करने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देष दिये। प्रषासक को निर्देष दिये कि व्यवस्थाओं के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु मंदिर प्रबंध समिति की ओर से मंदिर के आस-पास एवं शहर के प्रमुख चैराहों पर अनाउन्समंेट करवाया जाये। चिकित्सा व्यवस्था की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए स्वास्थ अधिकारी को आवष्यक निर्देष दिये। यह भी निर्देष दिये कि मंदिर कर्मचारी आदि को सी.पी.आर. प्रषिक्षण दिया जाये एवं प्राथमिक चिकित्सा बाॅक्स मंदिर परिसर एवं मंदिर के आस-पास पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना सुनिष्चित किया जाये।
महाकाल मंदिर के आसपास का क्षेत्र नो व्हीकल झोन रहेगा
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिजीत रंजन ने पुलिस व्यवस्था, यातायात व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में मंदिर परिसर एवं मंदिर के आसपास तथा पार्किंग स्थलों का व्यापक रूप से भ्रमण कर संबंधित अधिकारियों को आवष्यक दिषा निर्देष जारी कर दिये है। महाषिवरात्रि पर्व पर दर्षनार्थियों को असुविधा से बचने के लिए मार्गों एवं पार्किंग स्थलों का उपयोग करने का अनुरोध श्रद्धालुओं से किया है। महाकाल मंदिर के आसपास का क्षेत्र नो व्हीकल झोन रहेगा। नो व्हीकल झोन कोट मोहल्ला से महाकाल मंदिर, बेगमबाग से यादव धर्मषाला, हरसिद्धी से बडागणेष मंदिर से 4 नम्बर गेट तक, 24 खम्बा मंदिर से महाकाल थाना तक, बडा गणेष मंदिर की गली, इंटरपिटीषन सेन्टर से गरीब नवाज काॅलोनी एवं निर्गम द्वार तक तथा बेगमबाग सीमेन्टेड रोड से रूद्रसागर तक रहेगा।
पार्किंग व्यवस्था
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रंजन ने बताया कि महाषिवरात्रि पर्व पर पार्किंग व्यवस्था इंदौर -देवास -मक्सी रोड से आने वाले वाहन हरिफाटक ब्रिज की टी (तीसरी भुजा) से होकर चारधाम मंदिर पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार बडनगर रोड से आने वाले वाहन मुल्लापुरा, शंकराचार्य चैक से नृसिंहघाट ब्रिज से नृसिंहघाट रोड, कार्तिक मेला ग्राउण्ड एवं झालरिया मठ के सामने मैदान, उन्हैल एवं आगर रोड की ओर से आने वाले वाहन चामुण्डा माता चैराहे से होते हुए हरिफाटक ब्रिज की टी से चारधाम मंदिर पार्किंग स्थल पर आ सकेंगे। इसी प्रकार वी.आई.पी. के वाहन हरिफाटक ब्रिज की टी से इंटरपिटीषन सेन्टर के समीप होते हुए गरीब नवाज होकर माधव सेवा न्यास के पीछे पार्किंग स्थल रहेगा। इन्दौर रोड से आने वाली बसों के लिए लालपुल ब्रिज होकर नृसिंहघाट कार्तिक मेला ग्राउण्ड में पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसी तरह पुराने शहर ढाबारोड, कार्तिक चैक, कहारवाडी से आने वाले वाहन हरसिद्धी पाल एवं 24 खम्बा माता रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि चारधाम मंदिर पर स्थापित किये गये पार्किंग स्थल के भर जाने के बाद इंटरपिटीषन सेन्टर से जयसिंहपुरा होकर नृसिंहघाट रोड पर पार्किंग व्यवस्था रहेगी। यह स्थल भी भर जाने के बाद कार्तिक मेला ग्राउण्ड के पार्किंग स्थल पर व्यवस्था की जावेगी।
परिवर्तित मार्ग
बैठक में यातायात व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हरिफाटक ब्रिज की टी से बेगमबाग की ओर वाहन नहीं आयेंगे। दौलतगंज से कोटमोहल्ला की ओर वाहन नहीं आयेंगे। निकास चैराहा से तेलीवाडा की ओर वाहन नहीं आ सकेंगे। हरसिद्धी पाल से चैबीस खम्बा माता की ओर से वाहन नहीं आ सकेंगे। कमरी मार्ग से गुदरी की तरफ वाहन मंदिर की ओर नहीं आ सकेंगे। इसी प्रकार हरसिद्धी पाल से सवारी मार्ग एवं गुदरी की तरफ वाहन नहीं आ सकेंगे।
बैठक में सम्मानित सदस्यों में सर्वश्री रूपपमनानी, सत्यनारायण पंवार, द्वारकाधीष चैधरी, केसरसिंह पटेल, बालकृष्ण उपाध्याय, घनष्याम शर्मा, अषोक जडिया, योगेष शर्मा, पत्रकार प्रषांत आंजना, दिनेष, विनोद चैरसिया, विनोद लाला, रामेष्वरदास महाराज आदि ने भी अपने -अपने महत्वपूर्ण सुझााव दिये। कलेक्टर ने सम्मानित सदस्यों के महत्वपूर्ण सुझावों पर अमल किया जायेगा। मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य पुजारी श्री प्रदीप गुरू ने महाषिवरात्रि पर्व की जिला प्रषासन एवं मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा की जा रही संपूर्ण व्यवस्था बेहतर तरीके से की जा रही है। उन्होंने अवगत कराया कि अधिक से अधिक से श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के सुलभ एवं सुचारू रूप से दर्षन हो सकें इसी भी व्यवस्था अच्छे ढंग से की जा रही है। बैठक में प्रदीप गुरू ने जानकारी दी कि महाकाल मंदिर में तीज, त्यौहार एवं पर्व ग्वालियर पंचांग के आधार पर ही मनाये जाते है। पूरे देष में महाषिवरात्रि पर्व 14 फरवरी को मनाया जा रहा है परंतु महाकाल मंदिर में महाषिवरात्रि पर्व ग्वालियर पंचांग के आधार पर मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से 13 फरवरी को लिया गया है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर, नगर निगम आयुक्त श्री विजय जे., प्रषासक श्री अवधेष शर्मा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री जी.एस.डाबर, मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य श्री विभाष उपाध्याय, श्री जगदीष शुक्ला, पुजारी प्रदीप गुरू तथा अन्य प्रषासनिक अधिकारी, मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी, प्रबुद्धजन, गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित थे।